शमारा की कहानी

शमारा उत्तर पश्चिमी क्वींसलैंड में अकेली रहने वाली एक बुजुर्ग महिला हैं। उनका बेटा अपने तलाक के दौर से गुजरते हुए उनके साथ रह रहा था।

शमारा उत्तर पश्चिमी क्वींसलैंड में अकेली रहने वाली एक बुजुर्ग महिला हैं। उनका बेटा तलाक की प्रक्रिया से गुजर रहा था और इस दौरान वह उनके साथ रह रहा था। इस समय उनकी पूर्व बहू उन्हें लगातार अपमानजनक और कभी-कभी धमकी भरे संदेश भेजती रहती थी, जो शमारा के बेटे के घर से चले जाने के बाद भी जारी रहा। शमारा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, इसलिए उन्होंने घरेलू हिंसा (DFV) से बचाव के लिए कानूनी सहायता लेने का फैसला किया। शमारा की मानसिक स्थिति को देखते हुए, आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले कई फोन कॉल और व्यक्तिगत मुलाकातों की आवश्यकता पड़ी। टीम ने विवाद को कम करने और शमारा को होने वाले खतरे को न्यूनतम करने के उद्देश्य से दूसरे पक्ष के कानूनी सहायता प्रतिनिधि से भी संपर्क किया। मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के दिन, दोनों पक्ष समझौता करने और संबंधित सभी प्रकार के व्यवहार को बंद करने के वचन पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए। शमारा को घरेलू देखभाल सहायता के लिए स्थानीय सेवा प्रदाताओं से भी जोड़ा गया है, जिससे वह अपने घर में बेहतर महसूस कर रही हैं।